Wednesday, April 22, 2015

सबसे लम्बे किसिंग सीन के मायने

हिंदी फिल्मो के बारे में कुछ मालूमात हासिल करने की कवायद में चंद उम्दा जानकारिओ से रूबरू हुआ. सोचा एक दिलचस्प बात आपको भी इत्तला की जाएँ, शेयर की जाएँ। हम जब ड्रीम गर्ल की बात करते हैं तो जेहन में दिलकश अदाकारा हेमा मालिनी की तस्वीर उभर आती है. पर ये दीगर मामला है और शायद कम लोगो को ये इल्म है की हिंदी फिल्मो की पहली ड्रीम गर्ल देविका रानी थी. जहाँ आज के आधुनिक और परिपक्व दर्शक भी लिप लॉक या स्मूच सीन को सहजता से नहीं ले पाते तो जरा सोचिये की 1933 में, जी हाँ आजादी से पहले प्रदर्शित अंग्रेजी फिल्म ‘कर्म’ में देविका रानी ने हिमांशु राय के साथ लगभग चार मिनट तक लिप टू लिप दृश्य देकर दर्शको का कैसा हाल किया होगा ? ये आज भी बॉलीवुड के सबसे लम्बे किसिंग सीन की फेहरिस्त में अव्वल दर्जे पर है. देविका रानी के साथ हिमांशु राय ने शादी कर ली, शादी के बाद हिमांशु ने साल 1934 में बॉम्बे टॉकीज बैनर की स्थापना की। इस बैनर तले बनी पहली फिल्म ‘जवानी की हवा’ में देविका रानी की अदाओ से घायल दर्शको ने इन्हे पहली स्वप्न सुंदरी ड्रीम गर्ल का दर्जा दे दिया। देविका आज के उन फिल्म निर्माताओं के मुह पर तमाचा भी जड़ती हैं जो समझते हैं की पुरानी फिल्म इंडस्ट्री के लोग modern and progressive नहीं थे. बेसिरपैर के आइटम सांग, बेड सीन, किस सीन etc ठूस कर modernism का शो ऑफ करने वाले निर्देशकों तुम आज भी 80 साल पीछे हो.

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